<p style="text-align: justify;"><strong>मेरठ</strong>: हिंदू समाज के हितों को सुरक्षित करने और हिंदुओं के न्याय देने के मंसूबे जताकर बनाई गयी मेरठ की हिन्दू कोर्ट पर अब कानून का शिकंजा कस गया है. पुलिस ने न्यायपीठ से जुड़े अखिल भारत हिंदू महासभा के दो पदाधिकारियों पर केस दर्ज कराया है. पुलिस की ओर से ब्रह्मपुरी थाना में दर्ज मुकदमें में दो वर्गो में वैमनस्यता फैलाने और शांति व्यवस्था खराब करने की धाराऐं लगाई गयी हैं. <strong>लव जेहाद, धर्मान्तरण रोकन के लिए हिंदू कोर्ट</strong></p> <p style="text-align: justify;">15 अगस्त को अखिल भारत हिंदू महासभा ने ब्रह्मपुरी के शारदा रोड स्थित अपने कार्यालय में हिंदू कोर्ट के गठन का दावा करते हुए डॉ. पूजा शकुन पांडेय को न्यायपीठ का पहला जज बनाया था. न्यायपीठ के गठन के बाद मुस्लिम समाज को निशाना बनाकर अशोभनीय टिप्पणियां भी की गयीं. नाथूराम गोडसे की अनुयायी इस महासभा की पहली जज ने महात्मा गांधी के खिलाफ भी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया था. हिंदू कोर्ट के जरिये दावा किया गया कि शरई अदालतों की तर्ज पर हिंदू अदालत में हिंदुओं से जुड़े मामलों के मुकदमों की सुनवाई होगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हाईकोर्ट में याचिका हुई तो हरकत में आये अफसर</strong></p> <p style="text-align: justify;">हिंदू न्यायपीठ की व्यवस्था संविधान के अनुसार अवैध है. इस कोर्ट के गठन की जानकारी मेरठ के पुलिस प्रशासन को भी थी. खुफिया विभाग ने इससे जुड़ी तमाम जानकारियां शासन को भी भेजी थीं. मगर जिला पुलिस और प्रशासन इस मामले को लेकर संजीदा नहीं दिखा. पुलिस और प्रशासन के अफसर उस वक्त सकते में आ गये जब इस न्यायपीठ की व्यवस्था के खिलाफ हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई. इस मामले पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए उत्तर-प्रदेश सरकार और मेरठ के जिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब की थी. अपने खिलाफ दर्ज केस पर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं0 अशोक शर्मा ने कहा कि देश में हिन्दुओं के साथ अन्याय हो रहा है. जब शरिया अदालतों का संचालन हो सकता है तो हिंदू न्यायालय का क्यों नहीं. वह भी हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखेगें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>19 सितंबर को है सुनवाई, गर्दन बचाने को की कार्रवाई</strong></p> <p style="text-align: justify;">हाईकोर्ट में अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा गठित न्यायपीठ पर 17 सितंबर को सुनवाई होनी है. इस मामले में यूपी सरकार और मेरठ के डीएम, एसएसपी को पक्षकार बनाया गया है और 11 सितंबर तक इस मामले की रिपोर्ट तलब की गई थी. हाईकोर्ट द्वारा नियत अवधि के अंतिम दिन अफसरों के निर्देश पर पुलिस ने आगे आकर न्यायपीठ के खिलाफ केस दर्ज कराया है. इस न्यायपीठ की जज डॉ0 पूजा शकुन पांडेय ने लव जेहाद और धर्मान्तरण जैसे मुद्दो पर कार्रवाई करके मृत्यदंड तक के प्रावधान पर बयान दिया था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मामूली धाराओं में केस, कैसे सुरक्षित होगा समाज</strong></p> <p style="text-align: justify;">15 अगस्त को शारदा रोड पर अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यालय और श्रीराधाकृष्ण मंदिर में इस न्यायालय का गठन किया गया था. आगामी 2 अक्टूबर को इस अदालत का बायलॉज जारी होना था लेकिन उससे पहले ही हाईकोर्ट के दबाब के चलते अधिकारियों ने इस न्यायालय से जुड़े पदाधिकारियों पर कार्रवाई कर दी. पुलिस ने महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं0 अशोक शर्मा और जिलाध्यक्ष अभिषेक उपाध्याय के खिलाफ आईपीसी की धारा 144 के उल्लंघन (धारा 153 ए, 505 1 (सी), 505 (2) और धारा 188 के तहत केस दर्ज किया है. ब्रह्मपुरी थाना प्रभारी सतीय राय के अनुसार जॉच पूरी होन के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जायेगी.</p>
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