<p style="text-align: justify;"><strong>इलाहाबाद</strong>: अखिल भारतीय हिन्दू महासभा संगठन द्वारा शरिया अदालतों की तर्ज पर यूपी के मेरठ में अलग हिन्दू अदालत शुरू किये जाने के एलान पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए यूपी सरकार से उठाए गए क़दमों की जानकारी जल्द मुहैया कराए जाने को कहा है. अदालत ने इस मामले में यूपी सरकार और मेरठ के डीएम समेत सभी पक्षकारों को पांच दिन में जवाब मुहैया कराने को कहा है. अदालत इस मामले में सत्रह सितम्बर को फिर से सुनवाई करेगी. बीस दिन का वक्त दिए जाने के बाद भी यूपी सरकार द्वारा अभी तक अपना जवाब दाखिल नहीं किये जाने पर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने गहरी नाराज़गी जताई. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डीबी भोंसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की बेंच में हुई.</p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि अखिल भारतीय हिन्दू महासभा ने सोलह अगस्त को मेरठ में एक कार्यक्रम आयोजित कर शरई अदालत की तर्ज पर जिले में अलग हिन्दू अदालत शुरू कराए जाने का एलान किया. संगठन के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने इस मौके पर हिन्दू महासभा की सचिव पूजा शकुन पांडेय को इस हिन्दू अदालत का जज बनाए जाने का एलान किया था. महासभा की तरफ से नाथूराम गोडसे को फांसी दिए जाने के दिन पंद्रह नवम्बर को कई और शहरों में हिन्दू अदालत शुरू किये जाने की बात कही गई थी. दलील यह दी गई थी कि हिन्दुओं पर काफी अत्याचार और शोषण हो रहा है और उनसे जुड़े मामलों में सही-जल्द सुनवाई भी नहीं हो रही है, इसलिए हिन्दू अदालत का गठन किया जाना बेहद जरूरी है.</p> <p style="text-align: justify;">कानपुर के बर्रा इलाके के रहने वाले अंकित कुमार सिंह ने हिन्दू अदालत शुरू किये जाने के एलान से क़ानून व्यवस्था को खतरा पैदा होने और इससे देश की न्यायिक व्यवस्था प्रभावित होने की बात कहते हुए इसके खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी. अर्जी में इस मामले में ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किये जाने और हिन्दू अदालतों के गठन पर रोक लगाने का आदेश दिए जाने की मांग की गई थी.</p> <p style="text-align: justify;">अदालत ने इस मामले में इक्कीस अगस्त को सुनवाई करते हुए मेरठ के डीएम समेत हिन्दू महासभा के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा और पहली जज घोषित की गई पूजा शकुन पांडेय को भी पक्षकार बनाने का निर्देश सभी को नोटिस जारी कर उनसे बीस दिन में जवाब दाखिल करने को कहा था. मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान यूपी सरकार का जवाब नहीं आने पर अदालत ने नाराज़गी जताई और सत्रह सितम्बर को फिर से सुनवाई करने की बात कही.</p>
from uttar-pradesh https://ift.tt/2Mp3QyW
from uttar-pradesh https://ift.tt/2Mp3QyW
