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मुफ्ती मोहम्मद सईद के एक फैसले के चलते पुलवामा में शहीद हुए 40 जवान?

साल 2002 तक भारतीय सेना के काफिले को जम्मू-कश्मीर में विशेष सुरक्षा प्रदान की जाती थी. इसके तहत जब कभी भारतीय सुरक्षा बलों का कफिला जम्मू-कश्मीर के किसी इलाके से गुजरता तो सड़कें खाली करा दी जाती थीं.

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