<p style="text-align: justify;"><strong>लखनऊ</strong>: गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय में छात्रसंघ के चुनाव स्थगित होने के एक दिन बाद समाजवादी पार्टी ने कहा कि ऐसा लगता है कि बीजेपी को लोकसभा उपचुनाव की ही तरह यहां भी चुनावों में हार का डर सता रहा है.</p> <p style="text-align: justify;">सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा, 'ऐसा लगता है कि गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में हार का स्वाद चखने के बाद कुछ लोगों को छात्रसंघ चुनाव में भी हार का डर है. चुनाव से पहले ही पराजय स्वीकार करने का यह जीता जागता सबूत है. छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनना अलोकतांत्रिक है.'</p> <p style="text-align: justify;">छात्र संघ चुनाव 13 सितंबर को होने थे लेकिन दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच संघर्ष के बाद चुनाव स्थगित कर दिये गये.</p> <p style="text-align: justify;">घटना उस समय घटी जब मंगलवार को छात्रसंघ अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रंजीत सिंह विधि विभाग के पास पहुंचे और वहां दीवारों पर पोस्टर लगाने का प्रयास किया. सिंह को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का समर्थन हासिल है.</p> <p style="text-align: justify;">कुछ ही देर में एक अन्य प्रत्याशी अनिल दुबे मौके पर समर्थकों के साथ पहुंचे और फिर दोनों गुटों में संघर्ष हो गया.</p>
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